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कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकले लोग

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Apr 18, 2026 09:30 am IST,  Updated : Apr 18, 2026 09:50 am IST

कश्मीर घाटी में भूकंप के झटके लगे हैं। हालांकि भूकंप से किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल गए।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : ANI

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में रहने वाले लोगों ने हल्के झटके महसूस होने की बात कही है, हालांकि अभी तक किसी तरह के नुकसान या चोट की कोई तत्काल रिपोर्ट नहीं मिली है। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के बदाखशान क्षेत्र के ज़ायबक में था। अफगानिस्तान में भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 मापी गई। भूकंपीय आंकड़ों के अनुसार, यह भूकंप सुबह करीब 8:24 बजे आया। यह जमीन की 190 किलोमीटर की गहराई पर था।

भूकंप से कोई नुकसान नहीं

कश्मीर घाटी में भूकंप के झटके लगने से लोग घरों से बाहर निकल गए। हालांकि भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। शनिवार सुबह कई स्थानीय लोगों को घरों को बाहर देखा गया और भूकंप के झटके के काफी देर बाद लोग घरों में गए। 

मार्च में भी आया था भूकंप

इससे पहले मार्च महीने में जम्मू कश्मीर के पर्वतीय जिले डोडा में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप से कहीं भी किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली। भूकंप के झटके देर रात एक बजकर 25 मिनट पर महसूस किए गए थे। मौसम अधिकारी ने बताया कि भूकंप का केंद्र पृथ्वी की सतह से पांच किलोमीटर नीचे 33.08 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.17 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। 

फरवरी में भी लगे थे भूकंप के झटके

इससे पहले फरवरी में कश्मीर घाटी में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे बारामूला जिले के पट्टन और आसपास के इलाकों में लोगों में दहशत फैल गई थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप तड़के पांच बजकर 35 मिनट पर 10 किलोमीटर की गहराई में आया और इसका केंद्र पट्टन क्षेत्र में था, जो पर्यटक स्थल गुलमर्ग से 10 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। 

बता दें कि कश्मीर घाटी एक अत्यंत सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा पिछले साल नवंबर में जारी राष्ट्रीय भूकंपीय जोखिम मानचित्र में कश्मीर समेत पूरे हिमालयी क्षेत्र को भूकंपीय जोन छह में रखा गया है। आठ अक्टूबर, 2005 को 7.6 तीव्रता के भूकंप ने नियंत्रण रेखा के दोनों ओर कश्मीर के बड़े हिस्सों को तबाह कर दिया था। इस भूकंप के कारण हजारों लोगों की मौत हुई थी और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा था।  

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